अब तक छप्पन
Ab Tak Ghhappan : 56 Satires written by are collected in book form by Bhartiya Jnanpith .
‘अब तक छप्पन’ के व्यंग्य दिलचस्प अन्दाज़ तथा विश्वसनीय प्रहार-क्षमता से आपको उस जगह खड़ा करते हैं जहाँ से आप सच को सच की तरह देख सकें। यशवंत व्यास के मुहावरे अपने समय के द्वारा निर्मित हैं, प्रयोगशीलता जिन्हें कई बार नये समय की सूक्तियों बदल देती है।
प्रतिबद्धता यशवंत व्यास की रचनाओं की बड़ी विशेषता है। सहजता और चमत्कारिकता इन रचनाओं का अन्तनिर्हित गुण है, जो भावभूमि के सार्थक विस्तार में प्रयुक्त होता जाता है। विषय नये हैं, शैली ऊबाऊपन और रूढ़ियों से दूर है और पठनीयता इनका अनिवार्य तत्त्व है।








