इन दिनों प्रेम उर्फ़ लौट आओ नीलकमल
In dinon Prem urf Lout aao Neel Kamal : Collection of editorial columns published by Hansa.
जिस देश में लोगों को पत्थर के सिरहाने भी नसीब नहीं होते, उस देश में माइकल जैक्सन अगर एक नर्म गुदगुदा तकिया छोड़ गया है तो हमें उसका आभारी होना चाहिए . टीकमगढ़ में आखरी दिन गुज़ारती ध्रुपद गायिका असगरी बाई बुखार में तपती रात में सरकारी सम्मानों की गीली पट्टियों से माथा नहीं ढांप सकतीं . ठीक उस वक़्त जैक्सन के तकिये के लिए लोग मरे जा रहे हैं और लड़कियां अपने जैक्सनइ हाथ धोने को तैयार नहीं हैं… अंतर्विरोधों के विरुद्ध एक विचारोत्तजक संग्रह.








